Wednesday, June 3, 2026

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धनोप माता दरबार में भक्ति का महासंगम, भजन संध्या में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा

फूलियाकलां क्षेत्र स्थित धनोप माताजी मंदिर प्रांगण में आयोजित “एक शाम धनोप माता के नाम” विशाल भजन संध्या भक्ति, संस्कृति और लोककला का अद्भुत संगम बनकर उभरी। रात्रि 10 बजे मां शारदा एवं धनोप माताजी के समक्ष दीप प्रज्वलन तथा गणेश वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद भजनों, लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का ऐसा दौर चला कि हजारों श्रद्धालु पूरी रात पांडाल में डटे रहे और भोर तक भक्ति रस में सराबोर होते रहे।

कार्यक्रम का आयोजन अनोखी राजस्थानी एवं राजू लाल के तत्वावधान में किया गया। समारोह की अध्यक्षता कर्नाटक के राज्यपाल के ओएसडी शंकरलाल गुर्जर ने की, जबकि शाहपुरा विधायक लालाराम बैरवा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

भजन संध्या में राजस्थान के विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। राणी रंगीली, गोकुल शर्मा, राजू रावल, पूरण गुर्जर, प्रेमशंकर जाट, प्रकाश माली, प्रभु गदारिया, धर्मराज मेजा, माया गुर्जरी, प्रियंका विश्वकर्मा, बबलू राजस्थानी और आयुष आकोला सहित कई कलाकारों ने भक्ति एवं लोक संगीत की प्रस्तुतियां दीं। वहीं पायल आसींद, शालू नागौरी, पिंकी कोटा, मुस्कान कोटा, ममता आसींद और सोनू सैनी सहित अन्य नृत्यांगनाओं ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में रंग भर दिए।

मुख्य अतिथि विधायक लालाराम बैरवा ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में भाईचारे, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि लोक परंपराओं और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए इस प्रकार के आयोजनों का निरंतर होना आवश्यक है, ताकि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रह सके।

अध्यक्षता कर रहे शंकरलाल गुर्जर ने कहा कि क्षेत्र में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित भजन संध्या में श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ देखने को मिली है। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए कलाकारों, आयोजकों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।

भजन संध्या में करीब 10 हजार महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्रद्धालुओं का उत्साह इतना अधिक था कि कई लोग कार्यक्रम की झलक पाने और कलाकारों की प्रस्तुतियां देखने के लिए पेड़ों पर चढ़ गए। देर रात तक पूरा परिसर जयकारों और भजनों से गूंजता रहा।

कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए फूलियाकलां थाना पुलिस का जाब्ता तैनात रहा। अंत में आयोजक अनोखी राजस्थानी एवं राजू लाल ने सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक चेतना और धार्मिक आस्था का ऐतिहासिक आयोजन बताया।

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धनोप माता दरबार में भक्ति का महासंगम, भजन संध्या में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा

फूलियाकलां क्षेत्र स्थित धनोप माताजी मंदिर प्रांगण में आयोजित “एक शाम धनोप माता के नाम” विशाल भजन संध्या भक्ति, संस्कृति और लोककला का अद्भुत संगम बनकर उभरी। रात्रि 10 बजे मां शारदा एवं धनोप माताजी के समक्ष दीप प्रज्वलन तथा गणेश वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद भजनों, लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का ऐसा दौर चला कि हजारों श्रद्धालु पूरी रात पांडाल में डटे रहे और भोर तक भक्ति रस में सराबोर होते रहे।

कार्यक्रम का आयोजन अनोखी राजस्थानी एवं राजू लाल के तत्वावधान में किया गया। समारोह की अध्यक्षता कर्नाटक के राज्यपाल के ओएसडी शंकरलाल गुर्जर ने की, जबकि शाहपुरा विधायक लालाराम बैरवा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

भजन संध्या में राजस्थान के विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। राणी रंगीली, गोकुल शर्मा, राजू रावल, पूरण गुर्जर, प्रेमशंकर जाट, प्रकाश माली, प्रभु गदारिया, धर्मराज मेजा, माया गुर्जरी, प्रियंका विश्वकर्मा, बबलू राजस्थानी और आयुष आकोला सहित कई कलाकारों ने भक्ति एवं लोक संगीत की प्रस्तुतियां दीं। वहीं पायल आसींद, शालू नागौरी, पिंकी कोटा, मुस्कान कोटा, ममता आसींद और सोनू सैनी सहित अन्य नृत्यांगनाओं ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में रंग भर दिए।

मुख्य अतिथि विधायक लालाराम बैरवा ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में भाईचारे, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि लोक परंपराओं और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए इस प्रकार के आयोजनों का निरंतर होना आवश्यक है, ताकि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रह सके।

अध्यक्षता कर रहे शंकरलाल गुर्जर ने कहा कि क्षेत्र में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित भजन संध्या में श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ देखने को मिली है। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए कलाकारों, आयोजकों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।

भजन संध्या में करीब 10 हजार महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्रद्धालुओं का उत्साह इतना अधिक था कि कई लोग कार्यक्रम की झलक पाने और कलाकारों की प्रस्तुतियां देखने के लिए पेड़ों पर चढ़ गए। देर रात तक पूरा परिसर जयकारों और भजनों से गूंजता रहा।

कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए फूलियाकलां थाना पुलिस का जाब्ता तैनात रहा। अंत में आयोजक अनोखी राजस्थानी एवं राजू लाल ने सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक चेतना और धार्मिक आस्था का ऐतिहासिक आयोजन बताया।

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