Friday, March 20, 2026

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“जल है तो कल है” का संदेश: सवाई माधोपुर में जल महोत्सव पखवाड़े की गूंज

ब्यूरो चीफ: बृजेश त्रिवेदी, सवाई माधोपुर

जल जीवन मिशन के तहत 8 से 22 मार्च 2026 तक आयोजित ‘जल महोत्सव पखवाड़ा’ के अंतर्गत शुक्रवार को शेरपुर, खिलचीपुर एवं कुस्तला ग्राम पंचायतों में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

अधीक्षण अभियंता भगवान सहाय मीणा ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जनभागीदारी बढ़ाना, ग्राम पंचायतों एवं ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सशक्त बनाना तथा जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्भरण को प्रोत्साहित करना है।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों एवं समिति सदस्यों को जल संचयन, जल संरक्षण तथा जल के समुचित उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही एफटीके (फील्ड टेस्ट किट) के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया का प्रदर्शन कर व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि जल महोत्सव पखवाड़े के तहत समुदाय आधारित गतिविधियों जैसे जल संचय, स्रोत संरक्षण, जल गुणवत्ता परीक्षण, विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन तथा “मैं भी जल रक्षक” अभियान के जरिए विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा महिलाओं को जल प्रबंधन में नेतृत्व प्रदान करने एवं उन्हें जल गुणवत्ता परीक्षण में प्रशिक्षित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

अधीक्षण अभियंता भगवान सहाय मीणा ने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता है और “जल है तो कल है” का संदेश जन-जन तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि जल का दुरुपयोग न करें, वर्षा जल संचयन अपनाएं और अपने जल स्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम में मन्नी देवी, मनभर देवी, काली देवी, संतरा देवी, ओमप्रकाश सैनी, कमलेश सैनी, चौथमल सैनी, ऑपरेटर सीताराम सैनी, शेरपुर सरपंच ओमप्रकाश सैनी तथा खिलचीपुर सरपंच राजेन्द्र सैनी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। प्रतिभागियों ने जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और अपने स्तर पर प्रयास करने का संकल्प लिया।

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“जल है तो कल है” का संदेश: सवाई माधोपुर में जल महोत्सव पखवाड़े की गूंज

ब्यूरो चीफ: बृजेश त्रिवेदी, सवाई माधोपुर

जल जीवन मिशन के तहत 8 से 22 मार्च 2026 तक आयोजित ‘जल महोत्सव पखवाड़ा’ के अंतर्गत शुक्रवार को शेरपुर, खिलचीपुर एवं कुस्तला ग्राम पंचायतों में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

अधीक्षण अभियंता भगवान सहाय मीणा ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जनभागीदारी बढ़ाना, ग्राम पंचायतों एवं ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सशक्त बनाना तथा जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्भरण को प्रोत्साहित करना है।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों एवं समिति सदस्यों को जल संचयन, जल संरक्षण तथा जल के समुचित उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही एफटीके (फील्ड टेस्ट किट) के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया का प्रदर्शन कर व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि जल महोत्सव पखवाड़े के तहत समुदाय आधारित गतिविधियों जैसे जल संचय, स्रोत संरक्षण, जल गुणवत्ता परीक्षण, विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन तथा “मैं भी जल रक्षक” अभियान के जरिए विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा महिलाओं को जल प्रबंधन में नेतृत्व प्रदान करने एवं उन्हें जल गुणवत्ता परीक्षण में प्रशिक्षित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

अधीक्षण अभियंता भगवान सहाय मीणा ने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता है और “जल है तो कल है” का संदेश जन-जन तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि जल का दुरुपयोग न करें, वर्षा जल संचयन अपनाएं और अपने जल स्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम में मन्नी देवी, मनभर देवी, काली देवी, संतरा देवी, ओमप्रकाश सैनी, कमलेश सैनी, चौथमल सैनी, ऑपरेटर सीताराम सैनी, शेरपुर सरपंच ओमप्रकाश सैनी तथा खिलचीपुर सरपंच राजेन्द्र सैनी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। प्रतिभागियों ने जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और अपने स्तर पर प्रयास करने का संकल्प लिया।

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