Thursday, June 4, 2026

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धार में आदिवासी जमीन आवंटन का विरोध तेज, जयस ने आंदोलन की चेतावनी दी। 

ब्यूरो रिपोर्ट: विजय द्विवेदी

बदनावर। धार जिले के बदनावर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चिराखान (पंचायत निंदवानिया), चिराखान एवं भेरूपाड़ा की 211.408 हेक्टेयर आदिवासी भूमि उद्योग स्थापना के लिए आवंटित किए जाने के विरोध में आदिवासी समाज और जयस संगठन का विरोध तेज हो गया है। सर्व आदिवासी समुदाय एवं जयस पदाधिकारियों ने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर भूमि आवंटन को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि को उद्योग के लिए आवंटित किया गया है, उस पर आदिवासी परिवार पीढ़ियों से खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे हैं। उनके अनुसार यह भूमि केवल कृषि का साधन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, पहचान और अस्तित्व से जुड़ी हुई है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि उद्योग के नाम पर उन्हें उनकी पुश्तैनी जमीन से बेदखल करने का प्रयास किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ग्रामीणों ने क्षेत्र की जीवनदायिनी बागेड़ी नदी एवं अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों पर संभावित प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि उद्योग स्थापना से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ सकता है, जल स्रोत प्रभावित हो सकते हैं तथा हजारों किसानों और ग्रामीणों की आजीविका संकट में पड़ सकती है। इससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी प्रभावित होने की आशंका है।

निंदवानिया ग्राम पंचायत की सरपंच रवीना बाई रामलाल पग्गी तथा भेरूपाड़ा के सरपंच उदय सिंह गामड़ ने भी शासन-प्रशासन को लिखित आवेदन देकर उद्योग स्थापना के लिए किए गए भूमि आवंटन को निरस्त करने की मांग की है। दोनों जनप्रतिनिधियों ने आदिवासी समाज के हितों और ग्रामीणों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।

जयस संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उद्योग विभाग को किया गया 211.408 हेक्टेयर भूमि का आवंटन तत्काल रद्द नहीं किया गया तो आदिवासी समाज चरणबद्ध आंदोलन, धरना-प्रदर्शन, जनजागरण अभियान और व्यापक जनसंघर्ष शुरू करेगा। संगठन ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर उग्र आंदोलन भी किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

इस अवसर पर जयस धार जिलाध्यक्ष सुनील डाबर, जिला सचिव संतोष मुनिया, जिला महामंत्री विक्रम भाभर, जिला मीडिया प्रभारी अजय डावर, तहसील अध्यक्ष राहुल गिरवाल, कार्यकारी अध्यक्ष ऊंकार भाभर, उपाध्यक्ष मनीष डावर, प्रभारी श्याम ओसारी, कोषाध्यक्ष जितेंद्र मुनिया, महामंत्री विनोद वसुनिया, नगर अध्यक्ष राकेश दिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं जयस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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धार में आदिवासी जमीन आवंटन का विरोध तेज, जयस ने आंदोलन की चेतावनी दी। 

ब्यूरो रिपोर्ट: विजय द्विवेदी

बदनावर। धार जिले के बदनावर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चिराखान (पंचायत निंदवानिया), चिराखान एवं भेरूपाड़ा की 211.408 हेक्टेयर आदिवासी भूमि उद्योग स्थापना के लिए आवंटित किए जाने के विरोध में आदिवासी समाज और जयस संगठन का विरोध तेज हो गया है। सर्व आदिवासी समुदाय एवं जयस पदाधिकारियों ने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर भूमि आवंटन को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि को उद्योग के लिए आवंटित किया गया है, उस पर आदिवासी परिवार पीढ़ियों से खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे हैं। उनके अनुसार यह भूमि केवल कृषि का साधन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, पहचान और अस्तित्व से जुड़ी हुई है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि उद्योग के नाम पर उन्हें उनकी पुश्तैनी जमीन से बेदखल करने का प्रयास किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ग्रामीणों ने क्षेत्र की जीवनदायिनी बागेड़ी नदी एवं अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों पर संभावित प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि उद्योग स्थापना से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ सकता है, जल स्रोत प्रभावित हो सकते हैं तथा हजारों किसानों और ग्रामीणों की आजीविका संकट में पड़ सकती है। इससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी प्रभावित होने की आशंका है।

निंदवानिया ग्राम पंचायत की सरपंच रवीना बाई रामलाल पग्गी तथा भेरूपाड़ा के सरपंच उदय सिंह गामड़ ने भी शासन-प्रशासन को लिखित आवेदन देकर उद्योग स्थापना के लिए किए गए भूमि आवंटन को निरस्त करने की मांग की है। दोनों जनप्रतिनिधियों ने आदिवासी समाज के हितों और ग्रामीणों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।

जयस संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उद्योग विभाग को किया गया 211.408 हेक्टेयर भूमि का आवंटन तत्काल रद्द नहीं किया गया तो आदिवासी समाज चरणबद्ध आंदोलन, धरना-प्रदर्शन, जनजागरण अभियान और व्यापक जनसंघर्ष शुरू करेगा। संगठन ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर उग्र आंदोलन भी किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

इस अवसर पर जयस धार जिलाध्यक्ष सुनील डाबर, जिला सचिव संतोष मुनिया, जिला महामंत्री विक्रम भाभर, जिला मीडिया प्रभारी अजय डावर, तहसील अध्यक्ष राहुल गिरवाल, कार्यकारी अध्यक्ष ऊंकार भाभर, उपाध्यक्ष मनीष डावर, प्रभारी श्याम ओसारी, कोषाध्यक्ष जितेंद्र मुनिया, महामंत्री विनोद वसुनिया, नगर अध्यक्ष राकेश दिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं जयस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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