Thursday, June 4, 2026

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भीलवाड़ा महात्मा गांधी अस्पताल में 48 नर्सिंग कर्मी सेवा समाप्ति के विरोध में धरने पर बैठे

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक

भीलवाड़ा, 4 जून। महात्मा गांधी चिकित्सालय में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कार्यरत 48 नर्सिंगकर्मियों ने सेवाएं समाप्त किए जाने के विरोध में गुरुवार को अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन किया। नर्सिंगकर्मियों ने अपनी सेवाएं बहाल करने की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई।

धरने पर बैठे नर्सिंगकर्मियों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से महात्मा गांधी चिकित्सालय के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों, जिनमें मेडिकल आईसीयू और स्टेप डाउन आईसीयू शामिल हैं, में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीमित वेतन के बावजूद वे लगातार मरीजों की सेवा में जुटे रहे।

नर्सिंगकर्मियों के अनुसार उन्हें प्रतिमाह मात्र 7,320 रुपये वेतन मिलता है, फिर भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से किया। आरोप है कि प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के एक दिन पहले फोन कर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं, जिससे वे और उनके परिवार आर्थिक संकट में आ गए हैं।

प्रदर्शन के दौरान नर्सिंगकर्मियों ने भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी एवं युवा सांसद दामोदर अग्रवाल को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से रोजगार बचाने और सेवाएं पुनः बहाल कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।

धरनारत नर्सिंगकर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को और तेज करते हुए भूख हड़ताल शुरू करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित एजेंसी की होगी। अस्पताल परिसर में धरने के दौरान नर्सिंगकर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की।

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भीलवाड़ा महात्मा गांधी अस्पताल में 48 नर्सिंग कर्मी सेवा समाप्ति के विरोध में धरने पर बैठे

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक

भीलवाड़ा, 4 जून। महात्मा गांधी चिकित्सालय में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कार्यरत 48 नर्सिंगकर्मियों ने सेवाएं समाप्त किए जाने के विरोध में गुरुवार को अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन किया। नर्सिंगकर्मियों ने अपनी सेवाएं बहाल करने की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई।

धरने पर बैठे नर्सिंगकर्मियों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से महात्मा गांधी चिकित्सालय के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों, जिनमें मेडिकल आईसीयू और स्टेप डाउन आईसीयू शामिल हैं, में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीमित वेतन के बावजूद वे लगातार मरीजों की सेवा में जुटे रहे।

नर्सिंगकर्मियों के अनुसार उन्हें प्रतिमाह मात्र 7,320 रुपये वेतन मिलता है, फिर भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से किया। आरोप है कि प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के एक दिन पहले फोन कर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं, जिससे वे और उनके परिवार आर्थिक संकट में आ गए हैं।

प्रदर्शन के दौरान नर्सिंगकर्मियों ने भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी एवं युवा सांसद दामोदर अग्रवाल को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से रोजगार बचाने और सेवाएं पुनः बहाल कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।

धरनारत नर्सिंगकर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को और तेज करते हुए भूख हड़ताल शुरू करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित एजेंसी की होगी। अस्पताल परिसर में धरने के दौरान नर्सिंगकर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की।

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