ब्यूरो चीफ: बृजेश त्रिवेदी
बहरावण्डा कला (खण्डार), सवाई माधोपुर। अधिकमास के पावन अवसर पर खण्डार तहसील के बहरावण्डा कला के समीप स्थित प्रसिद्ध ढंढेर के हनुमान जी धाम पर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। यहां आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं तथा कथा रस का आनंद ले रहे हैं।
कथा व्यास पंडित कमलेश शास्त्री (करौली) अपने श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का अमृतमय वाचन कर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान कर रहे हैं। कथा का शुभारंभ 1 जून को गणेश मंदिर से निकाली गई विशाल कलश यात्रा के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कलश यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई ढंढेर के हनुमान जी धाम पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कथा महोत्सव का शुभारंभ किया गया।
कथा के तृतीय दिवस पर पंडित कमलेश शास्त्री ने भगवान शिव-पार्वती विवाह एवं ध्रुव चरित्र के प्रेरणादायक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान प्रस्तुत किए गए आध्यात्मिक संवादों और प्रसंगों को सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए तथा पूरे पंडाल में भक्तिमय वातावरण छा गया।
आयोजक कमलेश तेहरिया ने बताया कि यह आयोजन स्वर्गीय धूड़ीलाल तेहरिया की स्मृति में उनके पुत्र ओमप्रकाश, कमलेश एवं रमेश तेहरिया द्वारा कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 7 जून को रात्रि 8:30 बजे से श्यामा-श्याम संकीर्तन मंडल खण्डार द्वारा भव्य “हरे रामा-हरे कृष्ण” संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेंगे।
उन्होंने बताया कि 8 जून को विशाल भंडारे के आयोजन के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का विधिवत समापन होगा। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।




