ब्यूरो रिपोर्ट: डॉ. आर. के. अरसुल
बीड, 4 जून। बीड शहर के दत्तधाम फुलई नगर स्थित श्रीकृष्ण नगरी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ धार्मिक विधि-विधान के साथ किया गया। 1 जून से 7 जून 2026 तक चलने वाले इस सात दिवसीय आध्यात्मिक आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर कथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
आयोजक मंडल एवं दत्तधाम परिवार के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ 1 जून को सुबह ग्रंथ पूजन, कलश पूजन एवं ग्रंथ दिंडी पूजन के साथ हुआ। पूजा-अर्चना और घंटे-घड़ियालों की मंगल ध्वनि के बीच पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।
कथा के प्रवक्ता हरिभक्त परायण विश्वंभर महाराज मुले गोंदीकर प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का रसपान करा रहे हैं। उनकी ओजस्वी वाणी और सरल शैली में प्रस्तुत धार्मिक प्रसंगों से श्रद्धालु भावविभोर हो रहे हैं। कथा में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, धर्म और मानव जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों का विस्तार से वर्णन किया जा रहा है।
आयोजकों ने बताया कि लगभग दो वर्ष पूर्व इस क्षेत्र में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान भगवान दत्तात्रेय की प्रतिमा स्थापित की गई थी। तभी से यहां नियमित रूप से धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी श्रीमद्भागवत कथा एवं ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आयोजन किया गया है।
कार्यक्रम के सफल संचालन में विलास रत्नपारखी, शरद निर्मल, विट्ठल कुलकर्णी, गोपाल पाठक, विलास खड़के, अतुल संघ, शिवाजी शेटे, राजेश विभूते, श्रीरंग बोरकर, एडवोकेट रवींद्र कुकड़गांवकर, शुभम धूत, पार्षद नितिन साखरे सहित अन्य कार्यकर्ता सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
कथा को श्रद्धालुओं का भरपूर प्रतिसाद मिल रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, युवा, बच्चे एवं वरिष्ठ नागरिक कथा स्थल पर पहुंचकर आध्यात्मिक वातावरण का आनंद ले रहे हैं। आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होकर धर्म, संस्कार और भक्ति के संदेश को आत्मसात करने की अपील की है।




