Thursday, June 4, 2026

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आरएलपी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने उठाई पेयजल, बिजली, सड़क और अवैध बजरी खनन की समस्याएं

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा

फूलियाकलां उपखंड क्षेत्र में पेयजल संकट, अघोषित बिजली कटौती, जर्जर सड़कों, अवैध बजरी खनन तथा प्रशासनिक लापरवाही के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के नेता मुकेश जाट के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने तहसील कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद राज्यपाल के नाम तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर विभिन्न जनसमस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई।

ज्ञापन में बताया गया कि क्षेत्र में चंबल परियोजना के तहत पर्याप्त जल उपलब्ध होने के बावजूद ग्रामीणों को नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं मिल रही है। कई गांवों में जल संकट गहराता जा रहा है, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और जिम्मेदार विभाग इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहा है।

ग्रामीणों ने अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि दिन और रात में बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने से आमजन के साथ-साथ किसान भी प्रभावित हो रहे हैं। बिजली कटौती के कारण कृषि कार्य, सिंचाई व्यवस्था तथा घरेलू गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।

प्रदर्शन के दौरान खारी नदी में कथित अवैध बजरी खनन का मामला भी जोर-शोर से उठाया गया। ज्ञापन में कहा गया कि न्यायालय के निर्देशों के बावजूद क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध बजरी दोहन जारी है। इससे पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है तथा भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर अवैध खनन को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया।

ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि केकड़ी से सरसुन्दा चौराहे होते हुए धनोप तक जाने वाली मुख्य सड़क का निर्माण कार्य पिछले तीन वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है। सड़क जगह-जगह से टूट चुकी है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। विशेष रूप से मेवाड़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल धनोप माताजी मंदिर को जोड़ने वाला मार्ग अत्यधिक जर्जर होने से श्रद्धालुओं और यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

ज्ञापन में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी नाराजगी जताई गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अधिकांश पटवारी अपने निर्धारित पटवार घरों में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते, जिससे किसानों एवं आमजन के राजस्व संबंधी कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने पटवारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा सभी जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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आरएलपी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने उठाई पेयजल, बिजली, सड़क और अवैध बजरी खनन की समस्याएं

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा

फूलियाकलां उपखंड क्षेत्र में पेयजल संकट, अघोषित बिजली कटौती, जर्जर सड़कों, अवैध बजरी खनन तथा प्रशासनिक लापरवाही के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के नेता मुकेश जाट के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने तहसील कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद राज्यपाल के नाम तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर विभिन्न जनसमस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई।

ज्ञापन में बताया गया कि क्षेत्र में चंबल परियोजना के तहत पर्याप्त जल उपलब्ध होने के बावजूद ग्रामीणों को नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं मिल रही है। कई गांवों में जल संकट गहराता जा रहा है, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और जिम्मेदार विभाग इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहा है।

ग्रामीणों ने अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि दिन और रात में बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने से आमजन के साथ-साथ किसान भी प्रभावित हो रहे हैं। बिजली कटौती के कारण कृषि कार्य, सिंचाई व्यवस्था तथा घरेलू गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।

प्रदर्शन के दौरान खारी नदी में कथित अवैध बजरी खनन का मामला भी जोर-शोर से उठाया गया। ज्ञापन में कहा गया कि न्यायालय के निर्देशों के बावजूद क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध बजरी दोहन जारी है। इससे पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है तथा भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर अवैध खनन को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया।

ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि केकड़ी से सरसुन्दा चौराहे होते हुए धनोप तक जाने वाली मुख्य सड़क का निर्माण कार्य पिछले तीन वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है। सड़क जगह-जगह से टूट चुकी है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। विशेष रूप से मेवाड़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल धनोप माताजी मंदिर को जोड़ने वाला मार्ग अत्यधिक जर्जर होने से श्रद्धालुओं और यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

ज्ञापन में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी नाराजगी जताई गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अधिकांश पटवारी अपने निर्धारित पटवार घरों में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते, जिससे किसानों एवं आमजन के राजस्व संबंधी कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने पटवारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा सभी जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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