ब्यूरो रिपोर्ट: प्रहलाद जणवा
प्रतापगढ़, 4 जून। जिले के बारावरदा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में कार्यरत एक नर्सिंगकर्मी के खिलाफ ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार से कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों द्वारा स्वास्थ्य मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में सरकारी नियमों की अवहेलना, निजी प्रैक्टिस, मरीजों के कथित शोषण और लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ रहने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि नर्सिंगकर्मी धारा सिंह मीणा पिछले लगभग 12 वर्षों से सीएचसी बारावरदा में पदस्थ हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे अस्पताल में नियमित सेवाएं देने के बजाय सरकारी आवास से निजी तौर पर मरीजों का उपचार करते हैं। साथ ही आरोप लगाया गया है कि उनके परिवार के सदस्य भी चिकित्सा संबंधी कार्यों में शामिल हैं।
ज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि संबंधित कर्मचारी के खिलाफ पूर्व में कई शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानांतरण आदेश जारी होने और विभागीय कार्रवाई होने के बावजूद उन्हें अब तक कार्यमुक्त नहीं किया गया। कुछ मामलों में जांच और प्रशासनिक कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि मरीजों से अवैध वसूली और अन्य अनियमितताओं से जुड़े मामलों में ऑडियो रिकॉर्डिंग और शिकायतें संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराई गई थीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
बारावरदा के ग्रामीणों ने स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा संबंधित नर्सिंगकर्मी को तत्काल हटाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रवासी धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ताओं के हैं, जिनकी सत्यता का निर्धारण सक्षम जांच और विभागीय कार्रवाई के बाद ही हो सकेगा।




